27 May 2017, Sat

हे प्रभु, हे देवा,ये एक्शन, ये जैक्सन!

Created at December 7, 2014

हे प्रभु, हे देवा,ये एक्शन, ये जैक्सन!
Updated at December 7, 2014
 

2 स्टार

दीपक मिश्र

पिछले एक अरसे से बेदिमाग फिल्मों की जो कतार लगी है, उसमें नया नाम है ‘एक्शन जैक्सनÓ। ऐसा लगता है कि जिन मसालों का इस्तेमाल प्रभुदेवा ने वांटेड में किया था, उसके काफी पैकेट्स अभी तक बचे हुए हैं। तभी तो वह अपनी फिल्मों में हीरो-हिरोइन और लोकेशंस बदलकर धड़ाधड़ उन्हीं मसालों का इस्तेमाल किए जा रहे हैं। अब प्रभुदेवा को कौन समझाए कि अच्छे से अच्छे मसाले का स्वाद भी एक वक्त के बाद बोरिंग लगने लगता है। कुछ ऐसा ही हाल अजय देवगन का है, जो न जाने किस मोह में यह फिल्म कर बैठे हैं।

बचकानी कहानी
प्रभुदेवा ने कहानी (उनकी नजरों में अगर कुछ होती हो तो) को रोमांस, कॉमेडी और एक्शन की चाशनी में तर करने की कोशिश की है। विशी (अजय देवगन) छोटा-मोटा गुंडा है, लेकिन नेकदिल है। एक दिन खुशी (सोनाक्षी सिन्हा) उसे एक मॉल के चेंजिंग रूम में बिना अंडरवियर देख लेती है। यहां उसे लगता है कि उसका लक चेंज हो रहा है। इन सबके बीच एकदिन विशी को अपने एक हमशक्ल (एजे) को देख लेता है। यहां से कहानी में ट्विस्ट आ जाता है।

बेसिर-पैर की फिल्म1
फिल्म को सिर्फ विजुअली स्ट्रांग बनाने की कोशिश की गई है। इस कोशिश में तार्किकता को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है। अंदाजा इस बात से लगाइए कि भला अंडरवियर खरीदने के बाद कोई इसे ट्राई करता है। पूरी फिल्म में अजय देवगन छाए हुए हैं। उनके पहलू में कभी सोनाक्षी, कभी मनस्वी तो कभी यामी गौतम आती-जाती रहती हैं। यहां तक कि कुणाल रॉय कपूर भी। फिल्म से दो चेहरे बॉलीवुड में दस्तक दे रहे हैं, आनंदराज और मनस्वी। दोनों ने अपने अंदाज से प्रभावित किया है।

फाइनल पंच
कुछेक रोमांचक एक्शन देखने को मिलेंगे और साउंड इफेक्ट से उसे और प्रभावी बनाने की कोशिश की गई है। फिल्म का पहला हॉफ तो थोड़ा हल्का होने के चलते फिर भी चल जाता है, लेकिन दूसरे हाफ में झेलना मुश्किल हो जाता है।