18 December 2017, Mon

2200 पोस्टों पर होने थे प्रमोशन, मंजूरी सिर्फ 80 को

Created at October 7, 2014

2200 पोस्टों पर होने थे प्रमोशन, मंजूरी सिर्फ 80 को
Updated at October 7, 2014
 

जयपुर |  न्यूज़ टुडे
राज्य सरकार ने वरिष्ठ लिपिकों की पदोन्नति के लिए कार्यालय अधीक्षक व कार्यालय सहायक के 2200 नवसृजित पदों पर कैंची चला दी है। गौरतलब है कि  ये पद गहलोत सरकार की ओर से सृृजित किए गए थे। लेकिन राज्य सरकार ने इनमें से मात्र 80 पदों को ही जरूरी माना है।
जानकारी के अनुसार वर्ष २०१३ में शिक्षा विभाग के मंत्रालयिक कर्मचारियों को पदोन्नति देने के लिए राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर कार्यालय अधीक्षक (ओ.एस.) व कार्यालय सहायक (आे.ए.)के २,२०० पद सृजित किए थे। इसके लिए राज्य सरकार के निर्देश पर शिक्षा विभाग की तरफ से वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजा गया था। वित्त विभाग ने हाल ही में २,२०० में से २,१२० पदों को गैर जरूरी मानते हुए निरस्त कर दिया है, सिर्फ ८० नवसृजित पदों को ही स्वीकृति दी है।

कॉलेज एजुकेशन में हुई नए पदों की डीपीसी
कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय ने ७ मई २०१४ को ११ राजकीय विधि महाविद्यालय में कार्यालय सहायकों की नियुक्ति की थी। इसके बाद कार्यालय अधीक्षक पद के लिए डीपीसी में ४२ कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई। इस तरह कुल ५३ कर्मचारियों को नवसृजित पदों पर प्रमोशन दिया गया। वहीं, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ लिपिक लम्बे समय से पदोन्नति की आस लगाए हुए थे, पर राज्य सरकार के इस फैसले से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है।