20 November 2017, Mon

कब बंद होगा जहर बनना

Created at April 21, 2016

कब बंद होगा जहर बनना
Updated at April 21, 2016
 

सरकार और प्रशासन प्रदेश से कच्ची शराब बनने से रोकने लिए किए गए प्रयासों का कितना ही बखान करें, लेकिन हकीकत में ये प्रयास बेमानी ही साबित हो रहे हैं। एक ओर प्रदेश भर में पूर्ण शराबबंदी के लिए आंदोलन चलाए जा रहे हैं दूसरी ओर कच्ची शराब से आए दिन मौतों की खबर सुर्खियों में रहती हैं। पूर्ववर्ती सरकार ने कच्ची शराब बनाने में लिप्त लोगों को इस धंधे से निकालने के लिए उनके पुनर्वास और रोजगार की योजना बनाई थी, लेकिन वह सफल नहीं हुई। इसका कारण हो सकता है इस योजना का संबंधितों को पूरा लाभ नहीं मिलना। आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार पूरे प्रदेश में करीब ६५० स्थानों पर कच्ची शराब का उत्पादन हो रहा है। यह सरकार और प्रशासन के लिए शर्मनाक नहीं तो और क्या? कच्ची शराब के जहर से आए दिन मौतों की खबरें आती रहती हैं। जब कोई बड़ा हादसा होता है तब ही पुलिस और प्रशासनहरकत में आते हैं। इसके कुछ दिन बाद फिर वही चाल शुरू हो जाती है। हाल ही में कुछ दिन पूर्व बाड़मेर में कच्ची शराब से १५ लोगों की मौत के बाद सरकार ने कच्ची शराब के विरुद्ध बड़ा अभियान चलाने का मन बनाया है। इसके लिए प्रदेश भर में कच्ची शराब के ठिकानों की सूची भी तैयार की जा रही है और इसमें लिप्त माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन देखना होगा कि अब इस योजना पर ईमानदारी से अमल होता है या नहीं। अगर कच्ची शराब से हो रही मौतों को रोकना है तो सरकार को इससे जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी होगी साथ ही आमजन को इससे होने वाले दुष्परिणामों के प्रति सजग करना होगा। सरकार के साथ साथ इस मुहिम में आमजन को भी भागीदारी निभानी होगी और बिना भय के कच्ची शराब के उत्पादन की जानकारी प्रशासन को देकर सहयोग करना होगा, जिससे प्रशासन इस बुरे धंधे की जड़ तक पहुंचकर इसके विरुद्ध कार्रवाई कर सके।