30 March 2017, Thu

पानी गरम रहता है

Created at May 2, 2016

पानी गरम रहता है
Updated at May 2, 2016
 

पानी रे पानी तेरा रंग कैसा? यदि स्कॉच में मिला दो तो उस जैसा और दूध में मिलाओ तो दूध जैसा। पर भाई साहब, बिना मिलाये पानी का रंग कैसा होता है, यह पूछ रहा हूं। बिना मिलावट का उपलब्ध ही नहीं है। पानी तो कभी का अपना रंग खो चुका है। अब तो रंग केवल उसका है, जो उसमें मिलाया जाता है। पानी में सबसे ज्यादा राजनीति मिलाई जाती है। बिना राजनीति का पानी कहीं नजर नहीं आएगा। मिलावटहीन पानी का रंग तो कभी का उतर चुका है। देख लो, हर प्रदेश में नहर होती है और नहर मंत्री होते हैं। नहर में भ्रष्टाचार के बाद कोई सबसे ज्यादा बहने वाली चीज होती है तो वह पानी ही है। यह कूड़ा-करकट, कैमिकल, शव वगैरह तो इसलिए होते हैं कि पानी साफ  रहा तो उसे ‘नजरÓ लग सकती है। नदी की तरह नहर की आदत भी पनियल होती है यानी इस प्रदेश में आने वाली नहर की चाबी उस प्रदेश के हाथ में होती है। आपके प्रदेश में यदि पड़ौसी प्रदेश से नहर आ रही है और उस प्रदेश के लोग उसमें से पानी चुरा लें तो पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है। हमारी ड्यूटी अपने प्रांत के लोगों और उनकी संपत्ति की सुरक्षा की होती है। हम दूसरों की क्यों चिंता करें। सरकार भी यही करती है। सरकार यानी कर्मचारी जब तक नहरबंदी कर देते हैं। आंदोलित होने वाले पड़ौसी के बेटे हैं। हमें क्या? कई बार सोचा जाता है कि पानी मंत्री क्यों होता है। किस पानी मंत्री ने कब नहर की लंबाई-चौड़ाई-जल-भराई बढ़ाई है? लेकिन पानी मंत्री बनाना फिलजूखर्ची बिल्कुल नहीं है। यह पद न हो तो सरकारी रीति रिवाज पूरे ही न हों। नहर अधिकारी और किसान अक्सर आमने-सामने हुए रहते हैं। इनसे अपने झगड़े अपने आप निपटते ही नहीं। तब पानी मंत्री को मध्यस्थ होना पड़ता है। वही जमीन, वही पानी, वही नहर, वही अधिकारी-कर्मचारी और किसान रहते हैं और झगड़ा निपट जाता है। झगड़ा किस किस के अस्तित्व को कायम रखने के लिए होता है, यह आप समझ लें।  अब-तब की बात है। मीडिया और विपक्ष पानी मंत्री द्वारा की गई पानी बरबादी को पानी पी-पीकर कोसने लगे। पानी मंत्री एक सूखाग्रस्त क्षेत्र में गए थे। उन्हें सड़क मार्ग की गरमी से बचाने के लिए सड़कों पर हजारों लीटर पानी उंडेला गया था। खबरबाजी ज्यादा होने लगी तो महामंत्री ने पानी मंत्री की जवाब तलबी की- आप उस क्षेत्र में क्यों गए थे? जहां पानी है ही नहीं, आपका वहां क्या काम? सर, मुझे शिकायत मिली थी कि उस क्षेत्र के एक गांव की कुछ झौंपडिय़ों में आग लग गई थी। दमकल वाले आग बुझने के बाद वहां पहुंचे थे और उन्होंने उस बुझी आग पर अपनी कारगुजारी का ठपा लगाने के लिए कितना ही पानी बहाया था। मैं तो पानी के इस दुरुपयोग की जांच करने गया था। हवन करते हाथ जलने वाली बात हो गई मेरे साथ।       - गोविंद शर्मा