21 January 2017, Sat

अब सेल्फी हुई खतरनाक, यूथ को पहुंचा रही है अस्पताल

Created at January 11, 2017

अब सेल्फी हुई खतरनाक, यूथ को पहुंचा रही है अस्पताल
Updated at January 11, 2017
 

नई दिल्ली। एक ओर सेल्फी का क्रेज लोगों में लगातार बढ़ता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सेल्फी अब बीमारी बन गया है और लोग इसके उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। ऑब्सेसिव कंप्लसिव डिसऑर्डर नाम की बीमारी से पीडि़त तीन ऐसे मरीजों की पहचान दिल्ली के एम्स में हुई है। गंगाराम अस्पताल में तो हर महीने चार-पांच ऐसे टीनेजर्स इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें सेल्फी से जुड़ी बीमारी देखी जा रही है। शहरों में यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है। बॉडी इमेज को बेहतर दिखाने की यह लत ज्यादातर लड़कियों में देखी जा रही है। इस लत को अभी तक लोग बीमारी के रूप में नहीं देख रहे हैं। इंटरनेशनल स्टडी के अनुसार 60 प्रतिशत महिलाएं इससे अनजान होती हैं।

 

एम्स के मनोचिकित्सक डॉ. नंद कुमार का कहना है कि हाल में तीन ऐसी लड़कियों का इलाज एम्स में हुआ है, जिसमें सेल्फीसाइटिस की प्रॉब्लम देखी गई थी। सेल्फीसाइटिस एक ऐसी अवस्था है, जब इंसान अगर कोई सेल्फी नहीं ले या उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं करे तो उसे बेचैनी होने लगती है। इसे ऑब्सेसिव कंप्लसिव डिसऑर्डर कहा जाता है। नहीं चाहते हुए भी लोग सेल्फी से खुद को रोक नहीं पाते हैं। जरूरत से ज्यादा सेल्फी लेने की चाहत बॉडी में डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर नाम की बीमारी को भी जन्म देती है। इस बीमारी से लोगों को लगने लगता है कि वे अच्छे नहीं दिखते हैं।

 

बन जाती है आदत
वहीं गंगाराम अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. रोमा कुमार के अनुसार हर महीने ऐसे चार-पांच मरीज आते हैं, जो टीनेजर्स होते हैं। उनमें सेल्फी की लत देखी जाती है। सेल्फी लेना एक नॉर्मल बात है, लेकिन बार-बार सेल्फी लेना और खुद को प्रोजेक्ट करना आदत बन जाता है।