18 December 2017, Mon

योगी पहुंचे संसद, प्रधानमंत्री से की मुलाकात

Created at March 21, 2017

योगी पहुंचे संसद, प्रधानमंत्री से की मुलाकात
Updated at March 21, 2017
 

नई दिल्ली। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार संसद आए और मोदी से उनके कार्यालय में मुलाकात की। समझा जाता है कि मुख्यमंत्री ने राज्य में मंत्रियों सौंपे जाने वाले दायित्व के संबंध में चर्चा की। इसके साथ ही उत्तरप्रदेश की विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर विचार विमर्श किया गया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक ट््वीट करके बताया कि योगी आदित्यनाथ ने मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने उन्हें मुख्यमंत्री पद संभालने की शुभकामनाए दीं। दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की। योगी आदित्यनाथ ने वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ भी मुलाकात की। इस अवसर पर वित्त राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल और संतोष गंगवार भी मौजूद थे। भारतीय जनता पार्टी ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में लघु और सीमांत किसानों के कृषि ऋण माफ करने की घोषणा की है।

 

शाह के दरबार में होगा विभागों का बंटवारा
उधर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से भी मुलाकात होने वाली है, जिसमें राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किए गए मंत्रियों के बीच विभागों के बंटवारे पर फैसला लिया जाएगा। इससे पहले सूत्रों ने मंत्रियों के बीच विभागों के बंटवारे को लेकर मुख्यमंत्री तथा उपमुख्यमंत्रियों के बीच मतभेद की बात कही थी। सूत्र के अनुसार, इस संबंध में सोमवार को कई दौर की बैठकें हुई थीं। इसके बाद देर रात तक भी कोई फैसला नहीं लिया जा सका। सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी, उपमुख्यमंत्रीकेशव प्रसाद मौर्य व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के बीच देर शाम तक मंत्रियों के विभागों को लेकर मंथन चला, जिसमें संगठन मंत्री सुनील बंसल भी शामिल थे।

 

कई दौर की बातचीत के बाद भी मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों के बीच विभागों के बंटवारे के साथ ही नौकरशाही में फेरबदल को लेकर आपसी सहमति नहीं बन पाई। सूत्रों के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ और केशव मौर्य के बीच कई विभागों को लेकर सीधा टकराव दिखा। सूत्रों के मुताबिक, इस टकराव को देखते हुए पार्टी हाईकमान ने मुख्यमंत्री को दिल्ली तलब किया। आज (मंगलवार) देर शाम तक शाह के दरबार में ही मंत्रियों के विभागों का बंटवारा होगा और नौकरशाही को लेकर भी कई बड़े फैसले लिए जाने की संभावना है। भाजपा सूत्रों के अनुसार, आदित्यनाथ योगी और केशव प्रसाद मौर्य के बीच गृह विभाग को लेकर सहमति नहीं बन पाई। कई अन्य विभागों के बंटवारे में भी मतभेद दिखा।

इधर, नई सरकार के गठन के साथ ही मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक के पद को लेकर भी दौड़ शुरू हो गई है। पुलिस महानिदेशक को लेकर जहां 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी रजनीकांत मिश्रा व प्रवीण कुमार का नाम चर्चा में है, वहीं मुख्य सचिव को लेकर 1982 बैच के आईएएस अधिकारी प्रवीर कुमार रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं।