18 December 2017, Mon

फिर से नजर आएगी गुम हुई द्रव्यवती नदी

Created at May 2, 2017

फिर से नजर आएगी गुम हुई द्रव्यवती नदी
Updated at May 2, 2017
 

जयपुर . न्यूज़ टुडे
किसी जमाने में सदानीरा रही द्रव्यवती नदी अमानीशाह नाला बनकर एक बार फिर से द्रव्यवती नदी बनने की राह पर है। गोनेर के पास करीब 400 से 450 फीट चौड़ाई में द्रव्यवती नदी का काम तेज गति से चल रहा है। टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने गोनेर के पास द्रव्यवती नदी के तल को चौड़ाकर यहां पर पत्थरों से बैड बनाने के साथ ही इसके पाट भी बना दिए हैं। यहां पर नदी की गहराई 10 से 12 फीट रखी गई है। गोनेर और विधाणी साइट पर तेजी से काम चल रहा है। यहां पर नदी के तल को समतल करने के साथ ही पाट बनाकर पत्थर लगाने का काम जारी है।
47 किमी बननी है नदी
गौरतलब है कि द्रव्यवती नदी नाहरगढ़ की पहाडिय़ों में सुशीलपुरा इलाके से शुरू होकर करीब 47 किलोमीटर की दूरी तय कर ढूंढ़ नदी में जाकर मिलती है। वैदिक काल से अस्तित्व में रही द्रव्यवती नदी जयपुर शहर के विकास के साथ—साथ अतिक्रमण और नदी क्षेत्र में अवरोधों के चलते अमानीशाह नाले में तब्दील हो गई थी। अब राज्य सरकार ने द्रव्यवती नदी के पुनरुद्धार के लिए करीबन 1700 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट तैयार कर इसके लिए काम शुरू किया है। राज्य सरकार ने जेडीए की मार्फत टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को द्रव्यवती नदी पुनरुद्धार का जिम्मा सौंपा है। टाटा ने गोनेरे, विधाणी और बम्बाला पुलिया साइट पर आमानीशाह नाले को नदी बनाने का काम शुरू कर रखा है। गोनेर के पास करीब एक किलोमीटर लम्बाई में नदी का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके बाद यहां पर शहर के नालों के गंदे पानी का ट्रीटमेंट करके री—साइकिल पानी नदी में
छोड़ा जाएगा।