18 December 2017, Mon

नहीं चेता निगम, कचरे पर शहर

Created at May 2, 2017

नहीं चेता निगम, कचरे पर शहर
Updated at May 2, 2017
 

जयपुर . न्यूज़ टुडे
शहरभर में फैले कचरे व गंदगी ने एक बार फिर से नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर दिया है। आए दिन भुगतान की मांग को लेकर हड़ताल पर जाने वाले निगमकर्मियों की सजा शहरवासियों को भुगतनी पड़ रही है। हालात यह है कि कचरा परिवहन ठेकेदारों की हड़ताल के चलते आज दूसरे दिन भी शहर में कचरा नहीं उठा। शहर के हालात कल से भी ज्यादा बदतर हो गए हैं। एक ओर जहां सोमवार का करीब छह सौ टन कचरा सड़क पर पहले से ही जमा है। वहीं अब नौ सौ टन कचरा और पहुंच गया। ऐसे में गलियों के साथ मुख्य सड़क पर भी कचरा ही कचरा नजर आने लगा है।
900 टन कचरा निकलता है रोजाना
गौरतलब है कि जयपुर शहर में रोजाना करीब 900 टन कचरा निकलता है, जिसमें से ज्यादातर कचरा परिवहन ठेकेदार के जरिए उठाया जाता है। कचरा परिवहन ठेकेदारों ने भुगतान नहीं मिलने पर एक मई से काम बंद करने की चेतावनी दी थी और सोमवार से कचरा उठवाना बंद कर दिया।
इससे शहर की सड़कों से करीब छह सौ टन कचरा नहीं उठ सका। आज भी परिवहन ठेकेदारों ने कचरा उठाने से मना कर दिया। कचरा परिवहन ठेकेदारों की हड़ताल के चलते शहर में आज भी ज्यादातर कचरा डिपो से कचरा उठाया नहीं गया। निगम ने अपने स्तर पर केवल 300 मैट्रिक टन कचरा उठाने का दावा किया, जबकि शहर में रोजाना करीब 900 टन कचरा निकलता है।
चारदीवारी में हालात हुए खराब, लोग परेशान
सड़क पर कचरा फैले रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर चारदीवारी में हालात परेशान करने वाले थे। ठेकेदारों का करीब 20 करोड़ का भुगतान निगम पर बकाया है। गौरतलब है कि पिंकसिटी कचरा परिवहन संघ ने निगम को पहले से ही पत्र देकर एक मई से काम बंद करने की चेतावनी दी थी, लेकिन निगम ने कोई वैकल्पिक इंतजाम नहीं किया। इस पर महापौर जोधपुर में पार्टी बैठक से आज ही लौटकर आएं हैं। वहीं आयुक्त अवकाश पर हैं।