18 December 2017, Mon

ईको फ्रेंडली गणेश प्रतिमा बनाने का देंगे प्रशिक्षण

Created at July 6, 2017

ईको फ्रेंडली गणेश प्रतिमा बनाने का देंगे प्रशिक्षण
Updated at July 6, 2017
 

इंदौर। प्लास्टर ऑफ पेरिस और केमिकल कलर से बनी मूर्तियां नदी व तालाब के पानी को दूषित करती है। इसके चलते गणेशजी की ईको फ्रेंडली मूर्तियां बनाए जाने पर जोर दिया जा रहा है। इसको लेकर अभी से एनजीओ को सक्रिय कर मूर्तिकारों को ट्रेनिंग देने का सिलसिला शुरू हो गया है।
इंदौर में पिछले चार साल से जिला प्रशासन तालाब और नदी को बचाने का प्रयास कर रहा है। नगर निगम जोन वार गणेश उत्सव के बाद मूर्तियां इकट्ठी करता है और जवाहर टेकरी स्थित बरसाती तालाब में उन्हें विसर्जित करता है। प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों का निर्माण न हो इसको लेकर प्रशासन प्रतिबंध भी लगा देता है। इसके बावजूद बाहर से आने वालीं मूर्तियां बाजार में बिकती हंै, क्योंकि मामला आस्था से जुड़ा है इसलिए सरकारी महकमा सख्ती से कार्रवाई नहीं कर पाता। हालांकि लोग भी इस मामले में जागरूक हुए हैं।

नाम दिया था ग्रीन गणेश अभियान

इधर, सरकार के पर्यावरण नियोजन एंव समन्वय संगठन ने भी पिछले साल अभियान चलाकर ईको फ्रेंडली गणेश प्रतिमा बनाने का प्रशिक्षण दिया था जिसे ग्रीन गणेश अभियान नाम दिया गया था। इसके माध्यम से एप्को ने मिट्टी की प्रतिमा बनाने तथा उसे घर में ही विसर्जित करने की तकनीक बताई। साथ में उन्हें प्रेरित किया। अभियान को प्रदेश स्तर पर चलाया जाएगा, इसके लिए १० जुलाई को एप्को सभागृह में एक दिनी प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया है। एप्को के कार्यपालन संचालक अनुपम राजन
ने जिला प्रशासन से एनजीओ के दो मास्टर ट्रेनर व अधिकतम चार मूर्तिकारों को प्रशिक्षण में भेजने को कहा है। प्रशासन अब मास्टर ट्रेनर व मूर्तिकारों के नाम निकाल रहा है जो अभियान को तेज गति से चलाएं।