18 December 2017, Mon

फाइनली चली है मेरी लव लाइफ

Created at November 29, 2014

फाइनली चली है मेरी लव लाइफ
Updated at November 29, 2014
 

मनीष कुमार
हिंदी फिल्म संगीत में नायक नायिका की आपसी बातचीत को गीतों में ढालने की रिवायत पुरानी रही है। अगर ऐसे कुछ गीतों को याद करूं तो सबसे पहले किशोर और लता का गाया फिल्म आन मिलो सजना का युगल गीत ‘अच्छा तो हम चलते हैं…Ó याद आता है। फिर फिल्म नीला आकाश में गाए र$फी और आशा के गाए इस चुहल भरे गीत ‘आपको प्यार छुपाने की बुरी आदत है…Ó को कौन भूल सकता है? जितना दिमाग पर जोर डालिए ऐसे गीत निकलते जाएंगे।
बॉलीवुड की इसी परंपरा को निभाता एक गीत आया था पिछले साल फिल्म शुद्ध देशी रोमांस में। इसे लिखा था पटकथा लेखक व गीतकार जयदीप साहनी ने, धुन बनाई थी सचिन जिगर ने और अपनी बेहतरीन आवाज से इसमें जान फंूकी थी मोहित चौहान और सुनिधि चौहान की युगल जोड़ी ने। फिल्म की कहानी थोड़ी अटपटी जरूर थी पर राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में फिल्माए गए गीतों ने दर्शकों का दिल जरूर जीता था।
इस गीत को सुनते वक्त जरा इसी गीत के आरंभिक संगीत पर गौर करें।  रिक्शे के हॉर्न, नुक्कड़ में खेलते बच्चों की आवाजों के साथ गिटार और ट्रामबोन्स का मेल आपको एक बार में ही गीत के मस्ती भरे मूड में ले आता है। नायक और नायिका की नोंक झोंक को जयदीप अपने शब्दों में बड़े प्यारे अंदाज में विकसित करते हैं। गीत में इस्तेमाल किए गए उनके कुछ रूपक ‘चद्दर खद्दर की, अरमान हैं रेशम के..Ó  या ‘अरमान खुले हैं, जिद्दी बुलबुलें हैं…Ó मन को सोहते हैं।
ये नोंक झोंक सजीव लगे इसके लिए जरूरी था कि मोहित और सुनिधि की गायिकी का गठजोड़ शानदार हो और गीत सुनने के बाद आप तुरंत इस निष्कर्ष पर पहुंच सकते हैं कि इन दोनों ने इस गीत की अदाएगी में कोई कसर नहीं छोड़ी है। सचिन जिगर का ‘मिली मिली है एजरा खिली खिली हैÓ के बाद एकार्डियन, गिटार और ट्रामबोन्स का सम्मिलित संगीत संयोजन आप को थिरकने पर मजबूर कर देता है।
तो आइए आज थोड़ा झूमते हैं सचिन जिगर की इस बेहतरीन संगीत रचना के साथ-
ऐ सुन, सुन ले ना सुन मेरा कहना तू,
हो गफलत में … गफलत में ना रहना तू,
हम्म जो दिन तेरे दिल के होंगे, तो होगी मेरी रैना,
तू अभी भी सोच समझ ले, कि फिर ये ना कहना
कि तेरे मेरे बीच में क्या है
ये तेरे मेरे बीच में क्या है
हम्म चद्दर, हो चद्दर खद्दर की, अरमान हैं रेशम के
मिली मिली है, जरा
खिली खिली है
फाइनली चली है मेरी
लव लाइफ,
मिली मिली है, जरा
खिली खिली है
लिटरली सिली है मेरी
लव लाइफ,
हो तेरे तेरे मेरे मेरे, तेरे मेरे
तेरे बीच में…
तेरे मेरे बीच में, कभी जो राज हो कोई
धूप में छिपी-छिपी, कहीं जो रात हो कोई
हो तेरे मेरे बीच में, कभी जो बात हो कोई
जीत में छिपी-छिपी, कहीं पे मात हो कोई
पूछूंगा हौले से, हौले से
ही जानूंगा
जानूंगा मैं हौले से, तेरा
हर अरमान
अहां, अरमान खुले हैं, जिद्दी बुलबुले हैं,
अरमान खुले हैं, जिद्दी बुलबुले हैं, मिली मिली है, जरा खिली खिली है ..लव लाइफ
हे सुन…
जो नींद तूने छीन ली तो, तो मैं भी लूंगा चैना
तू अभी भी सोच समझ ले, तो फिर ये ना कहना
कि तेरे मेरे बीच में क्या है… क्या है ?
तुम्हें पता तो है क्या है
कि तेरे मेरे बीच में क्या है
बातें…लंबी बातें हैं छोटी सी
राते हैं
लंबी लंबी बातें हैं, छोटी
सी रातें हैं
मिली मिली है …
वैसे जरा बताइए तो आपको आपसी गपशप में बढ़ते ऐसे कौन से गीत सबसे ज्यादा गुदगुदाते हैं।
(लेखक सेल में अधिकारी व
ब्लॉग पर संगीत समीक्षा- यात्रा
लेखन में सक्रिय हैं)
द्वड्डठ्ठद्बह्यद्ध_द्मद्वह्म्११११ञ्च4ड्डद्धशश.ष्शद्व